Sunday, November 30, 2014

कुछ अपना सा था...

चला आता हूँ,
उन राहों पर,
यादों को लिए पुरानी,
उन राहों पर ऐसा लगता,
सब कुछ पुराना सा,
कुछ अपना सा है।
कदम खींच ले आती उन रास्ते पर,
जहाँ कुछ पल बिताएँ थे,
ख़्वाबों को बुनते हुए,
जहाँ रिश्तों को बुना था,
एक नए सिरे से जो,
कुछ अपना सा है।
मगर कहीं दिल में,
एक कसक सी लगी पड़ी,
है कहीं कुछ छूट सा गया,
उन राहों पर जहाँ,
कभी गूंजती थी हँसी अपनी,
कभी खिलखिलाते थे साथ बैठ,
मगर छुट सा गया वो सब जो,
कभी कुछ अपना सा था।

Friday, November 28, 2014

यादें...

कुछ पीछे छूट-सा गया लगता,
कुछ अधूरे से पल,
कुछ लिए यादें पुरानी से,
क्यों हुए सब बेगाने से।
पल जो छूट गए कहीं दूर,
सब बसे है अपनी यादों में।
याद है वो दिन,
वो मुस्कुराहटें,
वो हँसी,
वो बातें,
जिन्हें खोना न चाहा कभी।
ग़र अपनी तो है ही ऐसी,
जिन्हें खोना न चाहा कभी,
दूर ही होते चलें वो।
छोड़ना न चाहा उन्हें,
ग़र उन चेहरे की हँसी के लिए,
छोड़ चला,
यादों को संग लिए,
जीने को अपनी राह,
छोड़ बहुत कुछ पीछे।

Thursday, November 6, 2014

ओ रे गौरेया तू उड़ चली किन राहों पर...

ओ गौरैया,
किधर उड़ चली तू,
सुनसान कर इन राहोँ को,
तू यादों में बसी हैं इस कदर,
तेरी आवाज गूंजती इन कानों पर,
तू भूल चुकी उन राहोँ को,
जहाँ कलरव तुम किया करते थे,
ये राहें इंतज़ार किया करते हैं,
कभी तो गौरैया फिर आ जाएगी,
चहचहायेगी इन बागों में।
ओ रे गौरेया तू उड़ चली किन राहों पर।

Saturday, August 9, 2014

मैं पथिक हूँ...



मैं पथिक हूँ,
पर नहीं क्षण भर का हूँ।

मैं कोई ऐसा नहीं यहाँ,
जो आता-जाता रहता है।
मैं चलता ही जाता हूँ,
अपना निशां बनाता हूँ।
मैंने ख्वाबों को यहाँ बुना हैं,
सच में उसे बदलने को।
मैं पथिक हूँ,
पर नहीं क्षण भर का हूँ।

मैं तेरी यादों को संग अपने लिए,
आगे बढ़ता ही जाता हूँ।
मैं ऐसा न तुझे छोड़ चला,
मुँह अपना तुझसे मोड़ चला।
मैं चला आऊँगा पथिक बन यहाँ,
जब भी मुझको तुम याद करों।
मैं पथिक हूँ,
पर नहीं क्षण भर का हूँ।

Friday, May 23, 2014

ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी

ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी,
लौट आ अपने घर को,
तेरे इंतजार में पड़ा कोई,
बात जोह रहा तेरी।
ख्वाब बुन रहा तेरी यादों में,
ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी।
तू लौट आ अपने आसियाने में,
आसियाना तुम बिन सूना यहाँ,
तू नहीं यहाँ तो दिल भी सूना हैं।
तू दूर न चली जाना मुझसे,
नए आसियाने को देख कर।
तू तनिक इधर भी देख,
ये आसियाना डूबा है तेरी यादों में,
ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी,

तू लौट आ मेरे दिल में।

तुम हृदय अपना बदल लेना...

पानी की तरह बहते हुए,
जीवन को समझते हुए,
तुम हृदय अपना बदल लेना।
तुम बदल जाना उस पल,
जब सामने कोई चट्टान दिखे,
पानी की धार की तरह,
बहते हुए हवा की तरह,
तुम हृदय अपना बदल लेना।
जिंदगी की राहों में,
चट्टान मिलेंगे तुझे,
तू कैद ना हो जाना उनमें,
तुम पानी की तरह बहते रहना,
तुम हृदय अपना बदल लेना।
तुम ऊँचे-ऊँचे पेड़ों को,
समझ न लेना वो छाँव देंगे,
तुम आ जाना छोटे पेड़ों के नीचे,
वो अपना तुझे मान लेंगे।
जीवन की इस गर्मी को,
पड़ने न देंगे तुझ पर प्रियतम,
तुम आ जाना साथ समय रहते,

तुम हृदय अपना बदल लेना।

O Little Flower

O Little Flower,
Ur Life Is not Short...
U Have to Bloom,
U have to grow,
U have to spread ur scent all over around.

O little Flower..
Ur life in not too short...
Be Happy, Be Strong...
Dont allow urself to get plucked...
Ur beauty has to grow more...
Ur sweetness has to increase too...
U have to share hapiness...

O Little Flower,
Ur life is endless...
In memories, in heart of people...
U can never die...
As ur life is very long...

तुम हो गए हो क्यूँ इस कदर...

तुम हो गए हो क्यूँ इस कदर,
न परवाह करते तुम खुद की।
जरा देखो दुनिया की तरफ,
वो बदल रही है खुद को।
तुम अड़े हुए हो उस जगह पर,
जहाँ मरुभूमि है हर पल,
जी लोगे किसी तरह तुम,
मगर जल की तलाश अधूरी है,
तुम हो गए हो क्यूँ इस कदर।

उस मरीचिका को देख तुम,
दिग्भ्रमित क्यूँ हो चले हो?
जिस निर्मल जल की तलाश तुझे है,
वो मिलेगा कहीं और करता हुआ कलकल।

तुम सोच रहे हो क्यूँ ऐसा,
मरुभूमि में जल संचार होगा,
बारिश की बुँदे पड़ते हीं,
जहाँ वाष्प बन उड़ जाती है ठंडक।
तू तलाश कर उस जीवन की,
जहाँ मिलेगा वो कलकल करता निर्मल जल।
कठिनाई है रास्ते में,
गर प्यास तेरी वहाँ तृप्त होगी।
तू भूल उस मरीचिका को,
खुद के जीवन की तलाश कर।
खुद के जीवन की तलाश कर।।

Sunday, March 23, 2014

O My Little Sparrow...

O little sparrow, where are you...
When you went to neighbours home,
My home seems empty...
Without your sing, without your mischief...
O little sparrow, where are you...
Come back to my home,
Noone will harm you,
It has enough place for you,
With feed on roof,
With love in heart,
My home is waiting for you...
O my little sparrow where are you...