पानी की
तरह बहते हुए,
जीवन को
समझते हुए,
तुम हृदय
अपना बदल लेना।
तुम बदल
जाना उस पल,
जब सामने
कोई चट्टान दिखे,
पानी की
धार की तरह,
बहते हुए
हवा की तरह,
तुम हृदय
अपना बदल लेना।
जिंदगी की
राहों में,
चट्टान
मिलेंगे तुझे,
तू कैद ना
हो जाना उनमें,
तुम पानी
की तरह बहते रहना,
तुम हृदय
अपना बदल लेना।
तुम
ऊँचे-ऊँचे पेड़ों को,
समझ न लेना
वो छाँव देंगे,
तुम आ जाना
छोटे पेड़ों के नीचे,
वो अपना
तुझे मान लेंगे।
जीवन की इस
गर्मी को,
पड़ने न
देंगे तुझ पर प्रियतम,
तुम आ जाना साथ समय रहते,
तुम हृदय
अपना बदल लेना।
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