Friday, May 23, 2014

ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी

ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी,
लौट आ अपने घर को,
तेरे इंतजार में पड़ा कोई,
बात जोह रहा तेरी।
ख्वाब बुन रहा तेरी यादों में,
ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी।
तू लौट आ अपने आसियाने में,
आसियाना तुम बिन सूना यहाँ,
तू नहीं यहाँ तो दिल भी सूना हैं।
तू दूर न चली जाना मुझसे,
नए आसियाने को देख कर।
तू तनिक इधर भी देख,
ये आसियाना डूबा है तेरी यादों में,
ओ पंछी, बहुत देर हो चुकी,

तू लौट आ मेरे दिल में।

तुम हृदय अपना बदल लेना...

पानी की तरह बहते हुए,
जीवन को समझते हुए,
तुम हृदय अपना बदल लेना।
तुम बदल जाना उस पल,
जब सामने कोई चट्टान दिखे,
पानी की धार की तरह,
बहते हुए हवा की तरह,
तुम हृदय अपना बदल लेना।
जिंदगी की राहों में,
चट्टान मिलेंगे तुझे,
तू कैद ना हो जाना उनमें,
तुम पानी की तरह बहते रहना,
तुम हृदय अपना बदल लेना।
तुम ऊँचे-ऊँचे पेड़ों को,
समझ न लेना वो छाँव देंगे,
तुम आ जाना छोटे पेड़ों के नीचे,
वो अपना तुझे मान लेंगे।
जीवन की इस गर्मी को,
पड़ने न देंगे तुझ पर प्रियतम,
तुम आ जाना साथ समय रहते,

तुम हृदय अपना बदल लेना।

O Little Flower

O Little Flower,
Ur Life Is not Short...
U Have to Bloom,
U have to grow,
U have to spread ur scent all over around.

O little Flower..
Ur life in not too short...
Be Happy, Be Strong...
Dont allow urself to get plucked...
Ur beauty has to grow more...
Ur sweetness has to increase too...
U have to share hapiness...

O Little Flower,
Ur life is endless...
In memories, in heart of people...
U can never die...
As ur life is very long...

तुम हो गए हो क्यूँ इस कदर...

तुम हो गए हो क्यूँ इस कदर,
न परवाह करते तुम खुद की।
जरा देखो दुनिया की तरफ,
वो बदल रही है खुद को।
तुम अड़े हुए हो उस जगह पर,
जहाँ मरुभूमि है हर पल,
जी लोगे किसी तरह तुम,
मगर जल की तलाश अधूरी है,
तुम हो गए हो क्यूँ इस कदर।

उस मरीचिका को देख तुम,
दिग्भ्रमित क्यूँ हो चले हो?
जिस निर्मल जल की तलाश तुझे है,
वो मिलेगा कहीं और करता हुआ कलकल।

तुम सोच रहे हो क्यूँ ऐसा,
मरुभूमि में जल संचार होगा,
बारिश की बुँदे पड़ते हीं,
जहाँ वाष्प बन उड़ जाती है ठंडक।
तू तलाश कर उस जीवन की,
जहाँ मिलेगा वो कलकल करता निर्मल जल।
कठिनाई है रास्ते में,
गर प्यास तेरी वहाँ तृप्त होगी।
तू भूल उस मरीचिका को,
खुद के जीवन की तलाश कर।
खुद के जीवन की तलाश कर।।