मैं तोड़ रहा कसमों को तेरी,
मयखाने के पैमाने से,
मैं पी रहा हूँ यहाँ,
सिर्फ तुम्हारी यादों मैं।
यह मत तू समझ बैठना,
मैं पी रहा खुशियों में,
मैं तो पी रहा सिर्फ,
तुम्हारी यादों में।
तू जी रही अपने ख्वाबों में,
मैं जी रहा उन यादों में,
तू भूल गयी उन वायदों को,
मुझे याद आ रहे वो वायदे भी।
तू छोड़ चली है मुझको,
मैं तोड़ रहा उन वायदों को,
मुझे गलत न समझ तू बदनाम करना,
मैं डूबा हुआ हूँ तेरी यादों में,
मैं डूबा हुआ पैमाने में।
तुम सोच रहे होंगे कहीं,
झूठी कसमें खाई थी मैंने,
पर तूने भी तो साथ छोड़ा,
मैं न चाहा पैमानों में डूबने को,
तेरी कसमों को तोड़ने को।
मुझे माफ़ हो सके करना तू,
मैं डूबा हूँ तेरी यादों में,
आज पी रहा फिर पैमानों में।
Saturday, January 10, 2015
तेरी यादों में...
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